कोरोना से कैसे लड़ना है, गांवों से सीखिए

कोरोना से कैसे लड़ना है, गांवों से सीखिए

पटना : कोरोना से मुकाबले के लिए शहरों की तरह अब गांव भी तैयार होने लगे हैं। लॉकडाउन की घोषणा के बाद से गांव कुछ ज्यादा ही सतर्कता बरत रहे हैं। शहरों-कस्बों की कई कालोनियों ने आम लोगों की आवाजाही पर ब्रेक लगाया तो कई गांवों ने भी आगे बढ़कर कोरोना से हिफाजत की तरकीब निकाली। चाहे नालंदा जिले के बूढ़ानगर और गिरियक के पुरी गांव की दास्तान हो या बेनीपट्टी के कटैया गांव की, सबकी पहल दूसरे के लिए सबक की तरह है।

बेनीपट्टी प्रखंड में एक गांव है कटैया। गांव छोटा है किंतु पहल बड़ी है। ग्रामीणों ने अपने तरीके से खुद को 21 दिनों के लिए लॉकडाउन कर लिया है। न किसी को आने देंगे, न किसी को जाने देंगे। आपसी दूरी बनाकर रखने के लिए घरों के आगे भी लक्ष्मण रेखा खींच दी है, ताकि किसी पड़ोसी का घर में प्रवेश न हो।

पहले जांच तब प्रवेश : कटैया में कोई अपना भी बाहर से आ रहा है तो पहले उसे जांच की प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है, तब आने की इजाजत दी जा रही। सतर्कता ऐसी कि जांच के बाद भी उसे 14 दिनों तक सबसे अलग रखकर आइसोलेट करने की व्यवस्था की जा रही है। गांव की सीमा पर साबुन, हैंडवॉश, पानी, स्प्रिट की व्यवस्था है। किसी जरूरी काम से बाहर गए ग्रामीण जब लौटते हैं तो पहले उन्हें सैनिटाइज कराया जाता है। बेनीपट्टी कीप्रखंड प्रमुख सोनी देवी व मुखिया दुलरिया देवी कहती हैं कि सतर्कता बहुत जरूरी है। तभी हम महामारी से बच सकते हैं और दूसरों को बचा सकते हैं। गांव के बाहर 45 युवक आइसोलेट : औरंगाबाद जिले के सोशुना गांव की व्यवस्था भी कम नहीं है। यह गोह प्रखंड में है। ग्रामीण पूरी तरह खबरदार हैं। पड़ोसियों से प्यार तो करते हैं, लेकिन जान की कीमत पर नहीं। तमिलनाडु से लौटे गांव के 45 युवकों को कुछ दूरी पर ठहराने का इंतजाम किया है। सब फैक्ट्री में काम करते थे। लौटे तो गांव के स्कूल और सामुदायिक भवन में उनके रहने-खाने की व्यवस्था कर दी गई और संकट के टलने तक गांव में घुसने पर मुकम्मल मनाही भी।

आरा शहर के दो मोहल्ले को 14 अप्रैल तक बैरिकेडिंग के जरिए लॉकडाउन कर दिया गया है। मिश्रटोला और महाजन टोले के नागरिकों ने प्रवेश द्वार को बांस-बल्ली से घेरकर बोर्ड लगा दिया है। न अंदर से जाना और न ही बाहर से आना। बाहरी लोगों के संक्रमण से अपने को बचाने के लिए संदेश भी लिखा है कि इसका पालन सबको करना है। मोहल्ले के लोग भी बाहर नहीं जाएंगे। मिश्र टोला निवासी संजीव कुमार और पंकज कुमार ने कहा कि 14 अप्रैल तक प्रतिबंध जारी रहेगा।

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